पंजाब के फ़िरोज़पुर तहसील के ज़ीरा तीर्थ में १६१ वर्ष प्राचीन श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ परमात्मा

पंजाब के फ़िरोज़पुर तहसील के ज़ीरा तीर्थ में १६१ वर्ष प्राचीन श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ परमात्मा

पालीताणा नगरी में मकराना से सुंदर संगमरमर पाषाण मंगवाकर हजारों जैन प्रतिमाएं तैयार करवाई गईं।अलग अलग श्रेष्ठियों ने भी जिनबिंब (जिन प्रतिमाएं) बनवाने का लाभ लिया । पालीताणा में इस अवसर पर बारह दिनों का भव्य महोत्सव मनाया गया। संवत १९२१, माह माघ (महा) शुक्ल सप्तमी, गुरुवार के दिन, एक घटि चौबीस पल पर, लगभग सात हजार जिनबिंबों की अंचलगच्छ के परम पूज्य भट्टारक श्री रत्नसागर सूरीजी महाराज ने सोने के अमृत से अंजन कर प्राण प्रतिष्ठा की।

आचार्य श्री रत्नसागरसूरिजी महाराज साहेब के उपदेश से कच्छ कोठारा के निवासी शेठ श्री केशवजी नायक ने मुर्ति भरवाने का लाभ लिया था ।यह प्रतिमा की प्रतिष्ठा पंजाब के फ़िरोज़पुर तहसील के ज़ीरा तीर्थ के जिनालय में वि. सं. १९५१ मगशिर सुद ११ को पू. आ. श्री विजयानंदसूरीश्वरजी म. के द्वारा प्रतिष्ठा की गयी है।

प्रतिमा का शिलालेख

॥सं. १९२१ ना शाके १७८६ ना प्र.मा.शु. सप्तमी गुरूवासरे अंचलगच्छे श्री कच देशे कोठारा नगरे वास्तवय: उशवंशे लघुशाखायां गांधी मोहेता गोत्रे सा नायक मणसी गृहे गृहणी बा हीरबाई तत्तपुत्र सा केशवजी पादलिप्त नगरे सिद्धक्षेत्रे श्री पार्श्र्वजीन बिंब भरापितं गच्छनायक भ. श्री रत्नसागरसूरिश्वरजी प्रतिष्ठतं

संकलन – देवलोक जिनालय पालीताणा