मोक्ष कल्याणक – श्री अजितनाथ भगवान
📅 दिनांक: 23 मार्च 2026
🗓️ तिथि: चैत्र शुक्ल पंचमी
⭐ नक्षत्र: भरणी
⏰ काल: पूर्वाण्ह
🙏 भगवान अजितनाथ का मोक्ष
देवाधिदेव तीर्थंकर 1008 श्री अजितनाथ भगवान ने श्री सम्मेद शिखरजी की पावन “सिद्धवर कूट” से
एक हजार मुनिराजों के साथ मोक्ष पद को प्राप्त किया।
वर्तमान काल के तीर्थंकरों में श्री सम्मेद शिखर जी से सर्वप्रथम मोक्ष प्राप्त करने वाले तीर्थंकर भगवान अजितनाथ हैं।
🧘 तप और भोग निवृत्ति
भगवान का भोग निवृत्ति काल मोक्ष से एक माह पूर्व हुआ था।
👥 शिष्य और मोक्ष प्राप्ति
70,100 मुनियों (शिष्यों) ने मोक्ष प्राप्त किया
2,900 मुनियों (शिष्यों) ने प्रथम स्वर्ग से लेकर ग्रैवेयक स्वर्ग तक प्राप्त किया
84 अनुबुद्ध केवली थे
⏳ तीर्थ प्रवर्तन काल
भगवान अजितनाथ का तीर्थ प्रवर्तन काल
👉 30 लाख करोड़ सागर एवं 3 पूर्वाग था
🌟 सिद्धों की महान संख्या
इस पावन कूट से 👉 1 अरब 80 करोड़ 54 लाख मुनि सिद्ध पद को प्राप्त हुए ✨ आध्यात्मिक संदेश
भगवान अजितनाथ का मोक्ष कल्याणक हमें यह सिखाता है कि
त्याग, तप और आत्म साधना से ही मोक्ष की प्राप्ति संभव है।
🪔 निष्कर्ष
यह दिन जैन धर्म में अत्यंत पवित्र और प्रेरणादायक है,
जो हमें आत्मकल्याण और मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है।