ताल पुकुर, दुर्गापुर में तीर्थंकर विमलनाथ मार्ग का शुभनामकरण
ताल पुकुर अंचल, दुर्गापुर में अब मार्ग का नामकरण तीर्थंकर विमलनाथ मार्ग के रूप में किया गया है। यह पवित्र कार्य समाजसेवी श्री प्रदीप चोपड़ा जैन के अथक प्रयासों और पश्चिम बंगाल सरकार के आदेश से संभव हुआ।
🏛️ नामकरण समारोह
समाजसेवियों, स्थानीय नागरिकों और गणमान्यजनों की उपस्थिति में ताल पुकुर स्थान का आधिकारिक नामकरण किया गया।
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पश्चिम बंगाल सरकार का आदेश
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महापौर अनिंदिता मुखर्जी का विशेष सहयोग
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श्री प्रदीप चोपड़ा जैन के निरंतर प्रयास
🌿 महापौर अनिंदिता मुखर्जी द्वारा सम्मान
महापौर महोदया ने श्री प्रदीप चोपड़ा जैन की बहुमुखी सेवाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज के उत्थान में उनका योगदान अत्यंत प्रेरणादायक है:
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वृक्षारोपण अभियान
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गौपालन सहायता
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छात्रवृत्ति वितरण
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गरीब बहनों को 100 सिलाई मशीन
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नि:शुल्क कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र
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दिव्यांग सेवा
🙏 उपस्थित समाजसेवी
समारोह में कई प्रतिष्ठित समाजसेवी उपस्थित रहे:
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श्री नारायण जी सिकरिया
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युवा समाजसेवी श्री राकेश भट्टर
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प्रमुख व्यवसायी अनिल सिपानी
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संतोष महेश्वरी
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ऋषभ बरडिया
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श्रीमती मिठु रश्मि गोलछा
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श्रीमती मोनिका
सभी ने “ऋषभ अहिंसा जनकल्याण (भारत)” के संस्थापक श्री प्रदीप चोपड़ा जैन को हृदय से अनुमोदना दी।
🕉️ तीर्थंकर विमलनाथ जी का संदेश
श्री प्रदीप चोपड़ा जैन ने कहा:
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भगवान विमलनाथ का जीवन सत्य, अहिंसा और करुणा का प्रतीक है।
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उन्होंने सिखाया कि अहिंसा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।
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सभी जीवों के प्रति करुणा रखना ही श्रेष्ठ मार्ग है।
आज हम सब संकल्प लें कि उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में समरसता और सद्भाव फैलाएँ।
🌱 “ऋषभ अहिंसा” की 9 वर्षों की जनकल्याण सेवाएँ
✔ गरीब बहनों के लिए
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2025 में 128 सिलाई मशीनें
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60 सिलाई केंद्र स्थापित
✔ दिव्यांग सेवा
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35 व्हीलचेयर
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श्रवणयंत्र
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डिजिटल छड़ी
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37 दिव्यांगजनों को प्रतिमाह ₹1000 आर्थिक सहायता
✔ छात्रवृत्ति
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8000 जरूरतमंद छात्रों को छात्रवृत्ति (पश्चिम बंगाल सरकार के सहयोग से)
✔ प्रकृति संरक्षण
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हर वर्ष 1000 पेड़
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10,000 फलदार बीज रोपण
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गौ माता सेवा
✔ लोन सहायता
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जरूरतमंद बहनों को कम ब्याज पर लोन उपलब्ध
🙌 आप भी जुड़ें जनकल्याण में
क्या एक गरीब सराक बहन / स्वाधार्मिक परिवार को स्वावलंबी बनाने के लिए हम कुछ योगदान नहीं कर सकते?
यदि भगवान ने हमें आँख, कान, हाथ-पैर दिए हैं, तो क्या हम एक दिव्यांग भाई/बहन को
Digital Lathi, Hearing Aid, Wheelchair उपलब्ध नहीं करा सकते?
दया धर्म का मूल है – दया नहीं तो सब व्यर्थ है।
जय जय ऋषभ अहिंसा 🙏