एक ही उपाय है

2025-03-07T08:01:28-06:00March 7th, 2025|Categories: Jain Global Events|

एक ही उपाय है... एक ही उपाय है = निजी धाम, मठ, मंदिर, ट्रस्ट जिनके अध्यक्ष कोई धर्म गुरु, साधु, संत या उनके द्वारा प्रयोजित कोई अन्य संस्था या ट्रस्ट हो वहां पर उनके अंतर्गत होने वाले धार्मिक अनुष्ठान का आर्थिक बहिष्कार करना। जाना जरूर लेकिन लक्ष्मी का उपयोग सोच समझकर करना। कोई भी धार्मिक कार्यक्रम [...]

Comments Off on एक ही उपाय है

जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड की साधारण सभा व शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न

2025-03-07T07:56:17-06:00March 7th, 2025|Categories: Jain Global Events|

भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड की साधारण सभा व शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न 🛕 अनमोल धरोहर, प्राचीन तीर्थों के संरक्षण के लिए हुआ मंथन उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी की साधारण सभा एवं शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। इस दौरान जैन धर्म की प्राचीन धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन को लेकर [...]

Comments Off on जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड की साधारण सभा व शपथ ग्रहण समारोह सम्पन्न

विद्याधर जी का ध्यान सामायिक स्वाध्याय

2025-03-07T07:49:43-06:00March 7th, 2025|Categories: Jain Global Events|

विद्याधर जी का ध्यान सामायिक स्वाध्याय सदलगा के संत सदा जयवंत रहे 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 विद्याधर जी का ध्यान सामायिक स्वाध्याय 📚 जब विद्याधर नौ वर्ष के थे तब अकेले कलबसदि (छोटा मंदिर) चले जाते थे। वहां जाकर प्रतिदिन शाम को ध्यान किया करते थे। जब तेरह वर्ष के हुए तो दोड्डबसदि (बड़ा जैन पंचायती मंदिर) जाते और [...]

Comments Off on विद्याधर जी का ध्यान सामायिक स्वाध्याय

सच्ची दौलत पैसों में नहीं, संतोष और खुशियों में होती है।

2025-03-07T07:48:18-06:00March 7th, 2025|Categories: Jain Global Events|

सच्ची दौलत पैसों में नहीं, संतोष और खुशियों में होती है। एक बार एक अमीर व्यापारी अपने बेटे राजू को जीवन का असली मतलब समझाने के लिए एक गरीब किसान के घर ले गया। किसान का घर साधारण था—कच्ची दीवारें, छप्पर की छत, और मिट्टी का आँगन। वहाँ किसान अपनी पत्नी और बच्चों के साथ खुशी [...]

Comments Off on सच्ची दौलत पैसों में नहीं, संतोष और खुशियों में होती है।

भोजशाला धार मध्यप्रदेश मामले पर 17/02/2025 को सुनवाई

2025-02-27T08:04:38-06:00February 27th, 2025|Categories: Jain Global Events|

भोजशाला धार मध्यप्रदेश मामले पर 17/02/2025 को सुनवाई भोजशाला धार मध्यप्रदेश मामले पर 17/02/2025 को सुनवाई होगी।इसे मुस्लिम समुदाय अपनी मौलाना मस्जिद कह रहा है और हिन्दू समुदाय हिंदू सरस्वती मंदिर। जबकि यह जैन आचार्य मानतुंग मुनि से सम्बन्धित है। हमारे पास भी पर्याप्त प्रमाण हैं । प्रमाणों के आधार पर ही मैंने सुप्रीम कोर्ट में [...]

Comments Off on भोजशाला धार मध्यप्रदेश मामले पर 17/02/2025 को सुनवाई

यह सब क्यों होता है।

2025-02-27T07:41:21-06:00February 27th, 2025|Categories: Jain Global Events|

❓यह सब क्यों होता है।❓ 🙏🙏🙏🙏🙏 सादर जयजिनेंद्र बंधुओं। 👉 हमारे जैन समाज के मिडिया में हजारों समूह चल रहें हैं। 👉 बड़े ही दुख के साथ निवेदन करना चाहता हूं कि इन समूहों में बेचारे साधु -साध्वियों के पंच महाव्रत , समिति गुप्ति पर हर कोई पोस्ट करता है और स्वयं अम्मा पियरो बनकर कर्तव्य [...]

Comments Off on यह सब क्यों होता है।

पुणे के टनल में सीमंधर भगवान की प्रतिमा मिली है

2025-02-24T10:25:14-06:00February 24th, 2025|Categories: Jain Global Events|

पुणे के टनल में सीमंधर भगवान की प्रतिमा मिली है जय जिनेन्द्र पुणे के टनल में सीमंधर भगवान की प्रतिमा मिली है शायद साउथ की तरफ आते समय ट्रांसपोर्ट की गाड़ी में से पार्सल गिर गयी थी एक ट्रक ड्राइवर ने देख कर पार्सल अपने साथ बेलगाम के पास यंमकनमरडी में अपने जैन भाई के [...]

Comments Off on पुणे के टनल में सीमंधर भगवान की प्रतिमा मिली है

Many congratulations to Prof Dr Rishabh Chandra Faujdar

2025-02-20T09:35:28-06:00February 20th, 2025|Categories: Jain Global Events|

Many congratulations to Prof Dr Rishabh Chandra Faujdar Many congratulations to Prof Dr Rishabh Chandra Faujdar on being awarded the Ācārya Vidyānanda Prakrit Vāṅmaya Puraskāra!Dr Faujdar has been a stalwart of Prakrit studies and thoroughly deserves this recognition of his lifelong contribution to the field.

Comments Off on Many congratulations to Prof Dr Rishabh Chandra Faujdar

मैत्री विचार

2025-02-20T09:05:01-06:00February 20th, 2025|Categories: Jain Global Events|

🙏• मैत्री विचार •🙏 🙏• मैत्री विचार•🙏 •मुनिश्री क्षमासागर जी• ----------------- "योगः कर्म सुकौशलम्" अर्थात् "कर्म की कुशलता ही ध्यान है, योग है " आज पूज्य मुनिश्री क्षमासागर जी महाराज समझाते हैं कि जैसे हम दूसरों की शारीरिक हानि को देखकर स्वयं को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं, वैसे ही उनके क्रोध को देखकर हम क्यों [...]

Comments Off on मैत्री विचार
Go to Top