📲* बंगाल के 8 गांवो के बीच वीतरागी जैन शासन की अपूर्व प्रभावना का मांगलिक अवसर

🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸
स्थान – सम्मेद शिखर जी से 105 किलोमीटर दूर, पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले के वनबहिरा ( जामद्वारा ) गांव में दिनांक 7 जून, रविवार से, 9 जून मंगलवार 2026 तक पंच – परमेष्ठी विधान एवं शिक्षण शिविर का भव्य आयोजन होने जा रहा है
🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹🔹
🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸
👉🏻 आप सब को यह जानकर आशचर्य होगा – कि लगभग 1600 वर्षो के लम्बे अन्तराल के बाद यह ऐसा अवसर होगा कि जब 600 – 700 सराक साधर्मी भाई बहन प्रथम बार किसी विधान मे भाग लेने वाले हैं !
🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸
विधान में लगभग 8 लाख रू खर्च होने की सम्भावना हैं , इस राशि का, हम सब साधर्मी जन निम्न पात्र बनकर सहयोग करेंगे तो , अवश्य ही बंगाल के सराक जैन लोगों को वस्तु स्वरूप समझने का अवसर मिलेगा

🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸🔸

यह कार्यक्रम हम सब का हैं अतः इसे सफल करना हम सब का अधिकार भी हैं और दायित्व भी है .

जो जन भी बंगाल आएंगे उन्हें पाकबिर्या नामक ऐसी जगह भी घूमने को मिलेगी जहां कभी 24 – 24 जिनालय होते थे

किन्तु अब सिर्फ तीन शिखरबंद जिनालय विद्यमान हैं और 21 जिनालय के अवशेष आज भी जो हमे देखने को मिलेंगे

और हम सबको वो तालाब जिसके पास एक वृक्ष और वृक्ष के नीचे लगभग 4 feet की वीतरागी जिनदेव की प्रतिमा, जिसे एक मछली पकड़ने वाला पहली मछली का भोग उन्हे कराता है

जो हो चुका उसे तो हम बदल नही सकते हैं किन्तु आगे ऐसा अनर्थ न हो इसके लिए हम सब कुछ तो कर ही सकते हैं