108 पार्श्वनाथ तीर्थ दर्शन गौरव यात्रा
🌸 108 पार्श्वनाथ तीर्थ दर्शन गौरव यात्रा
श्री अलौकिक पार्श्वनाथ हासामपुरा उज्जैन म.प्र.
हजारों प्रतिमाओं में सबसे अलग अनोखी प्रतिमा है।
यह कोई साधारण प्रतिमा नही है बल्कि पांच दिव्य विशेषताओं से परिपूर्ण है।
उज्जैन (म.प्र) से 14 कि. मी की दूरी पर हासामपुरा में श्री अलौकिक पार्श्वनाथ पार्श्वनाथ जिनालय अत्यंत प्राचीन और अपने आप में अनेक विशेषताओं से परिपूर्ण है।
🏞 शांत और सुरम्य वातावरण में निर्मित इस जिनालय में स्थित कलात्मक अवशेषों को देखते हुए प्रतीत होता है कि यह जिनालय विक्रम की दसवीं सदी के आसपास का होना चाहिए।
12 वीं सदी की धातु की बनी चौबीसी जिनालय में स्थित है।
💡 हैं अनेक विशेषताएं
🔸 प्रतिमाजी पर स्थित फण दूसरी प्रतिमाओं से अलग दिखाई देते हैं।
🔹 प्रतिमाजी की हथेलियों के नीचे नृत्य करती मुद्रा में नाग नागिन का जोडा है।
🔸 दोनों हाथों में बाजूबंद प्रतिमाजी में ही उकेरे गए हैं।
🔹 मस्तक वाली शिखा फण के अंदर दबी हुई है।
🔸 सभी फणों की बनावट एक जैसी है लेकिन बांई साईड झुकी हुई नजर आती है।
🧘♂️ अलौकिक पार्श्वनाथ जिनालय में गहन शांति का अनुभव होता है।
मंदिर परिसर में श्री आदिनाथ भगवान का दर्शनीय मंदिर भी है।
यात्रियों के ठहरने के लिए यहां विशाल धर्मशाला है।
️ भोजनशाला की व्यवस्था भी है।
चिंतामण जवासिया के समीप इस तीर्थ पर पहुंचने के लिए ऑटो आदि की व्यवस्था हैं।
किसी भी अन्य जानकारी के लिए आप धर्मेश भाई शाह से 99072 34481 पर सम्पर्क कर सकते हैं।
🌸 अलौकिक पार्श्वनाथ प्रभु के दर्शन पूजन का लाभ अवश्य ही उठाएं!
अलौकिक आनंद प्राप्त करें
SURESH BOHRA
93519 49355