जैन सिद्धांत में कर्म की त्रिविध भूमिका: करना, कराना और अनुमोदन करना
जैन सिद्धांत में कर्म की त्रिविध भूमिका: करना, कराना और अनुमोदन करना जैन सिद्धांत के अनुसार करें, करावे और अनुमोदन करें। तीनों कार्य के करने वालों को समान फल प्राप्त होता है। इसी परिप्रेक्ष्य में पोरवाल समाज की व्यवस्था में श्री सागोदिया तीर्थ जो कि मात्र हमारे समाज का नहीं रतलाम शहर की आस्था का केंद्र [...]