यह प्रतिमा यक्ष धरणेन्द्र की है जिनके सिर पर तीर्थंकर पार्श्वनाथ विराजित हैं।
यह प्रतिमा यक्ष धरणेन्द्र की है जिनके सिर पर तीर्थंकर पार्श्वनाथ विराजित हैं। प्रतिष्ठासारोद्धार ग्रंथ के अनुसार धरणेन्द्र यक्ष चतुर्भुजी होते हैं सर्प हाथों में धारण करते हैं, सिर पर भी सर्प का विधान है, एवं नागपाश भी। इस प्रतिमा में पदम् धारण किये हैं जो शास्त्रसम्मत नहीं है लेकिन यह शिल्पगत त्रुटि या सुंदर बनाने [...]