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प्राकृत भाषा जानें अब ऑन लाइन - डॉ अनेकान्त कुमार जैन

 



प्राकृत भाषा भारत की एक प्राचीन और समृद्ध भाषा है, लाखों प्राचीन साहित्य इस भाषा में लिखा गया, हमारी लगभग सभी भारतीय भाषाएं प्राकृत से उत्पन्न हुई हैं.अशोक के अभिलेख भी इस भाषा में हैं.किन्तु आश्चर्य की बात है कि हम भारत की इस भाषा से अपरिचित जैसे ही हैं, हम इस भाषा को सीखें ...सीख नहीं सकते तो कम से कम इसका परिचय तो कर लें ...मैंने ऑन लाइन फेस बुक पेज के माध्यम से कुछ जानकारियां तथा परिचय देने की शुरुआत की है। यदि आप फेसबुक पर हैं तो अपने कंप्यूटर पर टाइप करें www.facebook.com/pages/Prakrit-Language-and-Literature/376483559110083?ref=hl यदि इस के पेज को खोल कर दाहिने तरफ के Like बटन को आप दबा दें तो आप तक इसके updates पहुँच सकते हैं और आप भारत की इस प्राचीन और महत्वपूर्ण भाषा से रूबरू हो सकते हैं। इसके अलावा प्राकृत भाषा का एक ब्लॉग भी मैंने कंप्यूटर पर बनाया है जिसमें प्राकृत भाषा से सम्बंधित लेख आप पढ़ सकते हैं उसका ऑन लाइन पता है www.prakritlanguage.blogspot.in यही नहीं प्राकृत भाषा की एक बेबसाईट भी बनाने का प्रयास किया है जहाँ आप अधिक जानकारियां प्राप्तकर सकते हैं उसका पता है www.prakritlanguage.webstarts.com

DR. ANEKANT KUMAR JAIN, Deptt.of Jainphilosophy, Sri Lalbahadur Shastri Rashtriya Sanskrit Vidyapeeth, Deemed University Under Ministry of HRD, Qutab Institutional Area, New Delhi-110016 Contacts- E-Mail : anekant76@yahoo.co.in, Phone no. 09711397716.